लोग किसे ठहरा रहे जिम्मेदार?
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के साथ लगते चलौंठी में मकानों पर दरारें आयी है। इन मकानों में दरार आने के पीछे स्थानीय लोग फ़ोरलेन निर्माण कार्य में लगी एक कंपनी को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं। लोगों की मांग है कि इन्हें मकान में हुए नुकसान का मुआवज़ा दिया जाए।
किस आधार पर प्रभावित लोगों को मिलेगा मुआवज़ा ?
चलौंठी में फोरलेन निर्माण के कारण घरों में आई दरारों से हुए नुकसान को लेकर उपायुक्त अनुपम कश्यप ने एसडीएम शिमला ग्रामीण की अध्यक्षता ने कमेटी का गठन किया है। इसके साथ ही स्टेट जियोलॉजिस्ट ने भी शनिवार को नुकसान के कारणों को लेकर रिपोर्ट तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित लोगों को मुआवज़ा दिए जाने की योजना है। यह मुआवज़ा निर्माण कार्य में लगी निजी कंपनी को ही देना होगा।
किन किन गांवों से होकर गुजरता है हाईवे ?
NH-22 (जिसे अब NH-05 कहा जाता है) के परवाणू-सोलन सेक्शन को 67.00 किमी से 106.139 किमी तक चार लेन का बनाने का प्रोजेक्ट चल रहा है। इसकी कुल लंबाई 39 किलोमीटर है। हिमाचल प्रदेश राज्य में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया NDP फेज-III के तहत EPC मोड पर लागू किया जा रहा है। यह हाईवे 33 रेवेन्यू गांवों से होकर गुजर रहा है, जिसमें सोलन जिले के जबली, धरमपुर, कुमारहट्टी, अंजी, सोलन और कठेर जैसी मुख्य बस्तियां शामिल हैं। यह घनी आबादी वाले और पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील पहाड़ी इलाके से होकर गुजरता है।
राज्य की आर्थिक स्थिति को बढ़ावा देगा यह प्रोजेक्ट
इस प्रोजेक्ट का कंप्लीशन सर्टिफिकेट 20.12.2023 से जारी किया गया था। यह कॉरिडोर परवाणू, सोलन और शिमला के बीच कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए बनाया जा रहा है। इसके अलावा सड़क सुरक्षा बढ़ाने, यात्रा का समय कम करने और राज्य में आर्थिक और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए रणनीतिक रूप भी इसमें शामिल है।


