हिमाचल प्रदेश में जब से मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में आयी है, तब से हिम केयर और सहारा योजना में कमियों की चर्चा ख़ूब होती रही है. मुख्यमंत्री विधानसभा में दावा कर चुके हैं कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान योजनाओं में ख़ूब गड़बड़ी होती रही. सरकार इस योजना में व्यवस्था परिवर्तन कर लोगों को फ़ायदा पहुंचाने का काम कर रही है.
निजी अस्पतालों के लंबित भुगतान की प्रक्रिया होगी पूरी
मंगलवार को हिमाचल प्रदेश सचिवालय में हुई बैठक के दौरान सरकार ने एक बार फिर योजना में बदलाव का फ़ैसला लिया है. नए बदलाव के तहत अब हिम केयर योजना के तहत रजिस्ट्रेशन लाभार्थियों का सत्यापन फेस रिकॉगनेशन आधार पर किया जाएगा. इसके लिए स्वास्थ्य और डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस विभाग को दिशा-निर्देश दिए गए हैं. बैठक में निजी अस्पतालों का लंबित भुगतान करने के भी निर्देश दिए गए हैं.
सहारा योजना के लिए जिला स्तर पर गठित होगी कमेटी
इसके अलावा सहारा योजना का लोकल ऑडिट करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लाभार्थियों को योजना का लाभ सुनिश्चित किया जा सके. सहारा योजना के तहत पात्र लाभार्थियों के सत्यापन के लिए जिला स्तर पर तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा. हिमाचल प्रदेश सरकार की कोशिश है कि योजना का लाभ सिर्फ़ पात्र लोगों तक ही पहुंचे.


